sbnschoollalpura

यहाँ से प्रारंभ करें

अंग्रेजी के समुह शब्द

Words Denoting Collection

सेनाArmyगाने वालों का समूहBand of musiciansतारों का समूहClusters of starsभेड़ों का समूहFlock of sheepनाविकों का समूहCrew of sailorsडाकुओं का समूहBand of robbersलकड़ियों का समूहBundle of sticksजहाजों का बेड़ाFleet of shipsमधुमक्खियों का झुण्डSwarm of beesचाभियों का गुच्छाBunch of kyesअंगूरों का गुच्छाBunch of grapesफूलों का गुलदस्ताBouquet of flowersलोगों की भीड़Crowd of peopleपहाड़ों की श्रंखलाChain of mountainsपक्षियों का दलFlight of birdsद्वीपों का समूहGroup of islandsपेड़ों का झुण्डGrove of treesमजदूरों की टोलीGang of labourersसूअरों का झुण्डHerd of swineजानवरों का झुण्डHerd of cattleकूड़े का ढेरHeap of rubbishबजरी का ढेरHeap of stonesरेत का ढेरHeap of sandसैनिकों की टुकड़ीRegiment of soldiersघोड़ों की टुकड़ीTroop of horsesघटनाओं की श्रंखलाSeries of events

गणित का ज्ञान

यह तो सबको पता होना ही चाहिए. जरूर शेयर करे.
1: एक गज=3फूट
2: एक फलॉग=220 गज
3: एक मील में 1760 गज,
8फलॉग यानि 220*8=1760
4:एक कर्म=66इंच
5:-एक मर्ला=272 वर्ग फूट
6: कर्म का दूसरा नाम=सरसाही
7: एक मर्ला में=9 कर्म
8: एक कनाल में मर्ले=20
9: एक एकड़ मे मर्ले=160
10: एकड़ का दूसरा नाम=कीला
11: एक एकड़ में कनाल=8
12:एक एकड़ में कर्म=36*40=1440कर्म
13:एक कनाल में विसवासी=240
14:एक मर्ले मे बिसवासी=12
15:एक बिसवे मे बिसवासी=20
16:एक बीघे मे बिसवे=20
17:एक एकड़ मे बिसवे=96
18:एक एकड़ मे बीघे=4.8
19:एक कनाल में वर्ग मीटर=505*8385
20:एक एकड मे वर्ग मीटर=4046*7091
21:-एक बिलियन=एक अरब रुपये
22:एक फूट में =30.48 सैंटीमीटर
23: एक गज मे मीटर=0.9144
24:एक मीटर में इंच=39.3708
25:-एक मील में किलोमीटर=1.609
26:एक किलोमीटर मे=0.32137227 मील
27: एक वर्ग किलोमीटर मे=0391 वर्गमील
28:एक वर्ग मील में=2.59 वर्ग किलोमीटर
29:एक सैंटीमीटर=0.3937 इंच
30:एक मिलियन=10लाख रुपय
31:एक मीटरिक टन=10 किवंटल
32:-पक्का या शाहजहानी बीघा एक एकड़ का हिस्सा=5/8
33:कच्चा बीघा एक एकड़ का हिस्सा=5/24भाग
34: एक मीटर में इंच=39.3701
35: 99 इंच के कर्मों से जो बीघा बनता है उसे =पक्का या शाहजहानी बीघा कहते है
36:अगर एक कर्म 66 इंच का है तो एक बिसवे मे=15 बिसवासी होगें
37:-20 बिसवासों का एक विसवा बनें इसके लिये एक कर्म=57/157 इंच का
हो
38:बकदर का अर्थ=एक विस्वे के वर्ग फुट है
39:अनुपात हमेशा एक निरोल=राशि होती है
40:कर्म का दूसरा नाम=गट्ठा
41:जरीब बनी होती है=लोहे की नर्म कड़ियों से
42:-जरीब आमतौर पर कर्मों की होती है=10
43:-66 इंच कर्म वाली जरीब मे= 8कड़ियां होती है तथा इससे कम वाली इंच की जरीब में=7 कड़ियां होती है

*शिविरा पंचांग 2016-17 सारांश*

*शिविरा पंचांग 2016-17 सारांश*

📌 स्कूलों का समय गर्मियों में सुबह 8 से दोपहर 2-10 और सर्दियों में 9-30 से 3-40 बजे का ही रखा गया है।

📌कक्षा एक से 8 वीं तक वर्ष में कभी भी शिक्षा का अधिकार के तहत प्रवेश हो सकेंगे।

📌कक्षा 9 से 12 के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2016 रखी गई है।

📌 प्रस्तावित पंचांग के मुताबिक जुलाई 2016 से जून 2017 तक 234 दिन स्कूल लगेंगे और  56 रविवार तथा 75 अन्य अवकाश होंगे।

📌28 अक्टूबर से 8 नवम्बर तक मध्यावकाश।

📌 24 दिसंबर से 12 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा।

📌शिक्षकों के लिए 9-10 सितम्बर को जिला व 21-22 अक्टूबर को राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन होंगे।

📌22 से 24 अगस्त तक प्रथम, 7 से 10 अक्टूबर तक द्वितीय और 9 से 11 फरवरी तक तृतीय परख होगी। 10 से 23 दिसम्बर तक अर्ध वार्षिक व 13 से 25 अप्रैल 2017 वार्षिक परीक्षा की तिथियां तय की गई है।

📌 30 अप्रैल 2017 को रिजल्ट धोषित होगा ।

📌 अगले वर्ष नया शैक्षिक सत्र एक मई 2017 से।

📌 11 मई से 20 जून 2017 तक ग्रीष्मावकाश रहेगा।

देश सो रहा हैं कविता

एक ट्रक के पीछे लिखी
ये पंक्ति झकझोर गई…!!
“हाॅर्न धीरे बजाओ मेरा ‘देश’ सो रहा है”…!!!

उस पर एक कविता इस प्रकार है कि…..

‘अँग्रेजों’ के जुल्म सितम से…  
फूट फूटकर ‘रोया’ है…!!
‘धीरे’ हाॅर्न बजा रे पगले….    
‘देश’ हमारा सोया है…!!

आजादी संग ‘चैन’ मिला है…
‘पूरी’ नींद से सोने दे…!!
जगह मिले वहाँ ‘साइड’ ले ले…
हो ‘दुर्घटना’ तो होने दे…!!
किसे ‘बचाने’ की चिंता में…
तू इतना जो ‘खोया’ है…!!
‘धीरे’ हाॅर्न बजा रे पगले …
‘देश’ हमारा सोया है….!!!

ट्रैफिक के सब ‘नियम’ पड़े हैं…
कब से ‘बंद’ किताबों में…!!
‘जिम्मेदार’ सुरक्षा वाले…
सारे लगे ‘हिसाबों’ में…!!
तू भी पकड़ा ‘सौ’ की पत्ती…
क्यों ‘ईमान’ में खोया है..??
धीरे हाॅर्न बजा रे पगले…
‘देश’ हमारा सोया है…!!!

‘राजनीति’ की इन सड़कों पर…
सभी ‘हवा’ में चलते हैं…!!
फुटपाथों पर ‘जो’ चढ़ जाते…
वो ‘सलमान’ निकलते हैं…!!
मेरे देश की लचर विधि से…
‘भला’ सभी का होया है…!!
धीरे हाॅर्न बजा रे पगले….
‘देश’ हमारा सोया है….!!!

मेरा देश है ‘सिंह’ सरीखा…
सोये तब तक सोने दे…!!
‘राजनीति’ की इन सड़कों पर…
नित ‘दुर्घटना’ होने दे…!!
देश जगाने की हठ में तू….
क्यूँ दुख में रोया है…!!
धीरे हाॅर्न बजा रे पगले..
देश’ हमारा सोया है….!!!

अगर देश यह ‘जाग’ गया तो..
जग ‘सीधा’ हो जाएगा….!!
पाक चीन ‘चुप’ हो जाएँगे….
और ‘अमरीका’ रो जायेगा…!!
राजनीति से ‘शर्मसार’ हो ….
‘जन-गण-मन’ भी रोया है..!!
धीरे हाॅर्न बजा रे पगले…
देश हमारा सोया है…!!!

‘देश’ हमारा सोया है….!!!

“मैंने दहेज़ नहीं माँगा”

“मैंने दहेज़ नहीं माँगा”

साहब मैं थाने नहीं आउंगा,

अपने इस घर से कहीं नहीं जाउंगा,

माना पत्नी से थोडा मन मुटाव था,

सोच में अन्तर और विचारों में खिंचाव था,

पर यकीन मानिए साहब, “मैंने दहेज़ नहीं माँगा”

मानता हूँ कानून आज पत्नी के पास है,

महिलाओं का समाज में हो रहा विकास है।

चाहत मेरी भी बस ये थी कि माँ बाप का सम्मान हो,

उन्हें भी समझे माता पिता, न कभी उनका अपमान हो।

पर अब क्या फायदा, जब टूट ही गया हर रिश्ते का धागा,

यकीन मानिए साहब, “मैंने दहेज़ नहीं माँगा”

परिवार के साथ रहना इसे पसंन्द नहीं,

कहती यहाँ कोई रस, कोई आनन्द नही,

मुझे ले चलो इस घर से दूर, किसी किराए के आशियाने में,

कुछ नहीं रखा माँ बाप पर प्यार बरसाने में,

हाँ छोड़ दो, छोड़ दो इस माँ बाप के प्यार को,

नहीं मांने तो याद रखोगे मेरी मार को,

बस बूढ़े माता पिता का ही मोह, न छोड़ पाया मैं अभागा,

यकींन मानिए साहब, “मैंने दहेज़ नहीं माँगा”

फिर शुरू हुआ वाद विवाद माँ बाप से अलग होने का,

शायद समय आ गया था, चैन और सुकून खोने का,

एक दिन साफ़ मैंने पत्नी को मना कर दिया,

न रहुगा माँ बाप के बिना ये उसके दिमाग में भर दिया।

बस मुझसे लड़ कर मोहतरमा मायके जा पहुंची,

2 दिन बाद ही पत्नी के घर से मुझे धमकी आ पहुंची,

माँ बाप से हो जा अलग, नहीं सबक सीखा देगे,

क्या होता है दहेज़ कानून तुझे इसका असर दिखा देगें।

परिणाम जानते हुए भी हर धमकी को गले में टांगा,

यकींन माँनिये साहब, “मैंने दहेज़ नहीं माँगा”

जो कहा था बीवी ने, आखिरकार वो कर दिखाया,

झगड़ा किसी और बात पर था, पर उसने दहेज़ का नाटक रचाया।

बस पुलिस थाने से एक दिन मुझे फ़ोन आया,

क्यों बे, पत्नी से दहेज़ मांगता है, ये कह के मुझे धमकाया।

माता पिता भाई बहिन जीजा सभी के रिपोर्ट में नाम थे,

घर में सब हैरान, सब परेशान थे,

अब अकेले बैठ कर सोचता हूँ, वो क्यों ज़िन्दगी में आई थी,

मैंने भी तो उसके प्रति हर ज़िम्मेदारी निभाई थी।

आखिरकार तमका मिला हमे दहेज़ लोभी होने का,

कोई फायदा न हुआ मीठे मीठे सपने सजोने का।

बुलाने पर थाने आया हूँ, छूप कर कहीं नहीं भागा,

लेकिन यकींन मानिए साहब, “मैंने दहेज़ नहीं माँगा”

😪झूठे दहेज के मुकदमों के कारण, पुरुष के दर्द से ओतप्रोत एक मार्मिक कृति…🙏🏻

साभार 🙏🙏

1008 Lord Shiva Names

[5/11, 6:32 AM] Ganpat Seju: 1008 NAMES OF SHIVA – SHORT VERSION

1 – 100
Shiva – Hara – Mrida – Rudra – Pushkara – Pushpalochana – Arthigamya – Sadachara – Sharva – Shambhu – Maheshvara – Chandrapida – Chandramouli – Vishva – Vishvamareshvara – Vedantasara-sandoha – Kapali – Nilalohita – Dhyanadhara – Aparicchedya – Gouribharta – Ganeshvara – Ashtamurti – Vishvamurti – Trivargasvargasadhana – Jnanagamya – Dridaprajna – Devadeva – Trilochana – Vamadeva – Madadeva – Patu – Parivrida – Drida – Vishvarupa – Virupaksha – Vagisha – Shuchisattama – Sarvapramanasamvadi – Vrishanka – Vrishavahana – Isha – Pinaki – Khatvanga – Chitravesha – Chirantana – Tamohara – Mahayogi – Gopta – Brahma – Dhurjati – Kalakala – Krittivasah – Subhaga – Pranavatmaka – Unnadhra – Purusha – Jushya – Durvasa – Purashasana – Divyayudha – Skandaguru – Parameshthi – Paratpara – Anadimadhyanidhana – Girisha – Girijadhava – Kuberabandhu – Shrikanatha – Lokavarnottama – Mridu – Samadhivedya – Kodandi – Nilakantha – Parashvadhi – Vishalaksha – Mrigavyadha – Suresha – Suryatapana – Dharmadhama – Kshamakshetra – Bhagavana – Bhaganetrabhida – Ugra – Pashupati – Tarkshya – Priyabhakta – Parantapa – Data – Dayakara

100-200
Daksha – Karmandi – Kamashasana – Shmashananilaya – Suksha – Shmashanastha – Maheshvara – Lokakarta – Mrigapati – Mahakarta – Mahoushadhi – Uttara – Gopati – Gopta – Jnanagamya – Puratana – Niti – Suniti – Shuddhatma – Soma – Somarata – Sukhi – Sompapa – Amritapa – Soumya – Mahatejah – Mahadyuti – Tejomaya – Amritamaya – Annamaya – Suhapati – Ajatashatru – Aloka – Sambhavya – Havyavahana – Lokakara – Vedakara – Sutrakara – Sanatana – Maharshi – Kapilacharya – Vishvadipti – Vilochana – Pinakapani – Bhudeva – Svastida – Svastikrita – Sudhi – Dhatridhama – Dhamakara – Sarvaga – Sarvagochara – Brahmasrika – Vishvasrika – Sarga – Karnikara – Priya – Kavi – Shakha – Vishakha – Goshakha – Shiva – Bhishaka – Anuttama – Gangaplavodaka – Bhaya – Pushkala – Sthapati – Sthira – Vijitatma – Vishayatma – Bhutavahana – Sarathi – Sagana – Ganakaya – Sukirti – Chinnasamshaya – Kamadeva – Kamapala – Bhasmoddhulita-vigraha – Bhasmapriya – Bhasmashyai – Kami – Kanta – Kritagama – Samavarta – Nivritatma – Dharmapunja – Sadashiva – Akalmasha – Chaturvahu – Durvasa – Durasada – Durlabha – Durgama – Durga – Sarvayudhavisharada – Adhyatmayoganilaya – Sutantu – Tantuvardhana

200-300
Shubhanga – Lokasaranga – Jagadisha – Janardana – Bhasmashuddhikara – Meru – Ojasvi – Shuddhavigraha – Asadhya – Sadhusadhya – Bhrityamarkatarupadhrika – Hiranyareta – Pourana – Ripujivahara – Bala – Mahahrada – Mahagarta – Vyali – Siddhavrindaravandita – Vyaghracharmambara – Mahabhuta – Mahanidhi – Amritasha – Amritavapu – Panchajanya – Prabhanjana – Panchavimshatitattvastha – Parijata – Para-vara – Sulabha – Suvrata – Shura – Brahmavedanidhi – Nidhi – Varnashramaguru – Varni – Shatrujita – Shatrutapana – Ashrama – Kshapana – Kshama – Jnanavana – Achaleshvara;Pramanabhuta – Durjneya – Suparna – Vayuvahana – Dhanurdhara – Dhanurveda – Gunarashi – Gunakara – Satyasatyapara – Dina – Dharmaga – Ananda – Dharmasadhana – Anantadrishti – Danda – Damayita – Dama – Abhivadya – Mahamaya – Vishvakarma – Visharada – Vitaraga – Vinitatma – Tapasvi – Bhutabhavana – Unmattavesha – Pracchanna – Jitakama – Ajitapriya – Kalyanaprakriti – Kalpa – Sarvalokaprajapati – Tarasvi – Tavaka – Dhimana – Pradhanaprabhu – Avyaya – Lokapala – Antarhitatma – Kalpadi – Kamalekshana – Vedashastrarthatattvajna – Aniyama – Niyatashraya – Chandra – Surya – Shani – Ketu – Varanga – Vidrumacchavi – Bhaktivashya – Anagha – Parabrahm-amrigavanarpana – Adri – Adryalaya – Kanta – Paramatma

300-400
Jagadguru – Sarvakarmalaya – Tushta – Mangalya – Mangalavrita – Mahatapa – Dirghatapa – Sthavishtha – Sthavira – Dhruva – Aha – Samvatsara – Vyapti – Pramana – Parmatapa – Samvatsarakara – Mantra-pratyaya – Sarvadarshana – Aja – Sarveshvara – Siddha – Mahareta – Mahabala – Yogi – Yogya – Siddhi – Mahateja – Sarvadi – Agraha – Vasu – Vasumana – Satya – Sarvapaphara
[5/11, 6:34 AM] Ganpat Seju: 400-500
Arthada – Apamnidhi – Adhishthana – Vijaya – Jayakalavita – Pratishthita – Pramanajna – Hiranyakavacha – Hari – Vimochana – Suragana – Vidyesha – Vindusamshraya – Balarupa – Vikarta – Balonmatta – Gahana – Guha – Karana – Karta – Sarvabandhavimochana – Vyavasaya – Vyavasthana – Sthanada – Jagadadija – Guruda – Lalita – Abheda – Bhavatmatmasamsthita – Vireshvara – Virabhadra – Virasanavidhi – Virata – Virachudamani – Vetta – Tivrananda – Nadidhara – Ajnadhara – Tridhuli – Shipivishta – Shivalaya – Balakhilya – Mahachapa – Tigmamshu – Badhira – Khaga – Adhirma – Susharana – Subrahmanya – Sudhapati – Maghavana – Koushika – Gomana – Virama – Sarvasadhana – Lalataksha – Vishvadeha – Sara – Samsarachakrabhrita – Amoghadanda – Madhyastha – Hiranya – Brahmavarchasi – Paramartha – Para – Mayi – Shambara – Vyaghralochana – Ruchi – Virinchi – Svarbandhu – Vachaspati – Aharpati – Ravi – Virochana – Skanda – Shasta – Vaivasvata – Yama – Yukti – Unnatakirti – Sanuraga – Paranjaya – Kailashadhipati – Kanta – Savita – Ravilochana – Vidvattama – Vitabhaya – Vishvabharta – Anivarita – Nitya – Niyatakalyana – Punyashravanakirtana – Durashrava – Vishvasaha – Dhyeya – Duhsvapnanashana – Uttarana – Dushkritiha

500-600
Vijneya – Duhsaha – Bhava – Anadi  – Bhurbhuvakshi – Kiriti – Ruchirangada – Janana – Janajanmadi – Pritimana – Nitimana – Dhava – Vasishtha – Kashyapa – Bhanu – Bhima – Bhimaparakrama – Pranava – Satpatchachara – Mahakasha – Mahaghana – Janmadhipa – Mahadeva – Sakalagamaparaga – Tattva – Tattavit – Ekatma – Vibhu – Vishvavibhushana – Rishi – Brahmana – Aishvaryajanmamrityujaratiga – Panchayajnasamutpatti – Vishvesha – Vimalodaya – Atmayoni – Anadyanta – Vatsala – Bhaktalokadhrika – Gayatrivallabha – Pramshu – Vishvavasa – Prabhakara; – Shishu – Giriraha – Samrata – Sushena – Surashatruha – Amogha – Arishtanemi – Kumuda – Vigatajvara – Svayamjyoti – Tanujyoti – Achanchala – Atmajyoti – Pingala – Kapilashmashru – Bhalanetra – Trayitanu – Jnanaskandamahaniti – Vishvotipatti – Upaplava – Bhaga – Vivasvana – Aditya – Yogapara – Divaspati – Kalyanagunanama – Papaha – Punyadarshana – Udarakirti – Udyogi – Sadyogi – Sadasanmaya – Nakshatramali – Nakesha – Svadhishthanapadashraya – Pavitra – Paphari – Manipura – Nabhogati – Hrit – Pundarikasina – Shatru – Shranta – Vrishakapi – Ushna – Grihapati – Krishna – Paramartha – Anarthanashana – Adharmashatru – Ajneya – Puruhuta – Purushruta – Brahmagarbha – Vrihadgarbha – Dharmadhenu – Dhanagama

600-700
Jagaddhitaishi – Sugata – Kumara – Kushalagama – Hiranyavarna – Jyotishmana – Nanbhutarata – Dhvani – Araga – Nayandyaksha – Vishvamitra – Dhaneshvara – Brahmajyoti – Vasudhama – Mahajyotianuttama – Matamaha – Matarishva – Nabhasvana – Nagaharadhrika – Pulastya – Pulaha – Agastya – Jatukarnya – Parashara – Niravarananirvara – Vairanchya – Vishtarashrava – Atmabhu – Aniruddha – Atri – Jnanamurti – Mahayasha – Lokaviragranti – Vira – Chanda – Satyaparakrama – Vyalakapa – Mahakalpa – Kalpaviriksha – Kaladhara – Alankarishnu – Achala – Rochishnu – Vikramonnata – Ayuhshabdapati – Vegi – Plavana – Shikhisarathi – Asamsrishta – Atithi – Shatrupreamathi – Padapasana – Vasushrava – Pratapa – Havyavaha – Vishvabhojana – Japaya – Jaradishamana – Lohitatma – Tanunapata – Brihadashva – Nabhoyoni – Supratika – Tamisraha – Nidagha – Tapana – Megha – Svaksha – Parapuranjaya – Sukhanila – Sunishpanna – Surabhi – Shishiratmaka – Vasanta – Madhava – Grishma – Nabhasya – Vijavahana – Angira – Guru – Atreya – Vimala – Vishvavahana – Pavana – Sumati – Vidvana – Travidya – Naravahana – Manobuddhi – Ahamkara – Kshetrajna – Kshetrapalaka – Jamadagni – Balanidhi – Vigala – Vishvagalava – Aghora – Anuttara – Yajna – Shreye

700-800
Nishshreyahpatha – Shaila – Gaganakundabha – Danavari – Arindama – Rajanijanaka – Charuvishalya – Lokakalpadhrika – Chaturveda – Chatrubhava – Chatura – Chaturapriya – Amlaya – Samamlaya – Tirthavedashivalaya – Vahurupa – Maharupa – Sarvarupa – Charachara – Nyayanirmayaka – Nyayi – Nyaya

Free net for pc

AIRTEL FREE INTERNET TRICK FOR PC 2016 UPDATE
FREE INTERNET TRICK FOR PC 2016
AIRTEL FREE INTERNET TRICK FOR PC USER
जब हम कंप्यूटर या अपने PC में इन्टरनेट यूज़ करते है तो कितना अच्छा  लगता है लेकिन कंप्यूटर जिस तेजी से हमारा इन्टरनेट डाटा यूज़ करता है तो वह हमारे लिए 
बुहत महगा पड़ता इस लिए हमे मोबाइल में ही इन्टरनेट यूज़ करना पड़ता है अपना  इन्टरनेट डाटा बचाने के लिए
अगर हम को फ्री में कंप्यूटर में इन्टरनेट चलाने को मिले तो कितना अच्छा होगा
अच्छा नही बहुत अच्छा होगा
आज मे आप के सामने  एक ऐसी ट्रिक लेकर आया हु जिस से आप अपने PC मे फ्री इन्टरनेट यूज़ कर सकते है बिना किसी चार्ज के

स्टेप 1 —
सबसे पहले अपने अपने कंप्यूटर मे pdproxy सॉफ्टवेयर  डाउनलोड करे
http://www.pdproxy.com/download.htm

स्टेप 2 —
अब pdproxy.com पर जाकर अपना अकाउंट बनाये और अकाउंट को एक्टिव करे |

स्टेप 3 —
अब अपने कंप्यूटर में pdproxy सॉफ्टवेर इनस्टॉल करे
और अपने  अकाउंट की जानकारी भरे

स्टेप 4 — अब pdproxy सोफ्टवेर की सेटिंग पर क्लीक करे

क्लीक proto options और  -> 443 tcp port

क्लीक parent proxy and insert  ip – 8.56.134.134  और port 3128

अब headers आप्शन को ओपन करे
और इस में ये लिंक कॉपी कर दे

Host:one.airtel.in/net

अब सेव कर दे

अब पहला या दूसरा में से कोई भी फ्री सर्वर चुने और tcp सलेक्ट करे

अब आप अपने डाटा कार्ड या अपने मोबाइल को अपने pc से कांटेक्ट करे

अप pdproxy में connect पर क्लीक करे
आप का pdproxy सोफ्टवेर connect हो जाएगा और आप फ्री इन्टरनेट चला सकते है
अगर आप को setting करने मे कोई प्रॉब्लम हो रही है तो आप नीचे सक्रीनशोर्ट दिए हुए है इन को देख के setting करे

______एक_बेटी_की_पुकार_अपने_पापा_से

#______एक_बेटी_की_पुकार_अपने_पापा_से

मुझको मेरा हक दो पापा
बहुत कुछ कर दिखलाऊँगी !
लेने दो खुली हवा में सांसे
बेटे से ज्यादा फर्ज निभाऊंगी !!

उड़ने दो किसी पतंग के जैसी
आसमान को छुकर आउंगी !!
क्यों डरते हो हैवानी दुनिया से
अकेली सब पर भारी पड़ जाउंगी !!

माना डगर कठिन बहुत है
मंजिल तक फिर भी जाउंगी !
मुझ पर करो भरोस तुम
कभी न दुःख पहुँचाऊँगी !!

करो हौसले मेरे बुलंद तुम
अधूरे सपने पूरे कर दिखलाऊँगी !
मत आंको कम मेरी ताकत,
संतान का हर फर्ज निभाऊंगी !!

समझा देना मात मेरी को
जिसने नारी का हर दुःख झेला है
रखे हौसला अब दिन दूर नही
जब तुम दोनों का सम्मान बढ़ाउंगी !!

आएगा कभी वक़्त बुरा भी,
हर सुख दुःख में साथ निभाऊंगी !
नहीं बनूँगी कमजोर कड़ी मैं,
अपने घर की ताकत बन जाउंगी !!

शान हूँ अपने बाबुल की
कभी न नीचा दिखलाऊँगी !
खेले गर कोई मेरी आन से,
रूप दुर्गा चंडी का भर जाउंगी !

मुझको मेरा हक दो पापा
बहुत कुछ कर दिखलाऊँगी
लेने दो खुली हवा में सांसे
बेटे से ज्यादा फर्ज निभाऊंगी …….

Guru kon h

गुरु
मैने एक आदमी से पुछा गुरू कौन है ,वो सेब खा रहा था,उसने एक सेब मेरे हाथ मैं देकर मुझसे पूछा इसमें कितने बीज हें बता सकते हो ?
सेब काटकर मैंने गिनकर कहा तीन बीज हैं,
उसने एक बीज अपने हाथ में लिया और फिर पूछा
इस बीज में कितने सेब हैं यह भी सोचकर बताओ ?
मैं सोचने लगा एक बीज से एक पेड़ , एक पेड़ से अनेक सेव अनेक सेबो में फिर तीन तीन बीज हर बीज से फिर एक एक पेड़ और यह अनवरत क्रम!
उसने मुस्कुराते हुए बोले : बस इसी तरह परमात्मा की कृपा हमें प्राप्त होती रहती है , बस उसकी भक्ति का एक बीज अपने मन में लगा लेने की ज़रूरत है।
गुरू एक तेज हे जिनके आते ही
सारे सन्शय के अंधकार खतम हो जाते हे।
गुरू वो मृदंग है जिसके बजते ही अनाहद नाद सुनने शुरू हो जाते
है
गुरू वो ज्ञान हे जिसके मिलते ही पांचो शरीर एक हो जाते हे।
गुरू वो दीक्षा हे जो सही मायने मेमिलती है तो भवसागर पार हो जाते है।
गुरू वो नदी हे जो निरंतर हमारे
प्राण से बहती हे।
गुरू वो सत चित आनंद हे जो हमे हमारी पहचान देता है।
गुरू वो बासुरी हे जिसके बजते ही अंग अंग थीरकने लगता है।
गुरू वो अमृत हे जिसे पीके कोई
कभी प्यासा नही।
गुरू वो मृदन्ग हे जिसे बजाते ही
सोहम नाद की झलक मिलती है।
गुरू वो कृपा ही है जो सिर्फ कुछ
सद शिष्यो को विशेष रूप मे
मिलती हे और कुछ पाकर भी
समझ नही पाते।
गुरू वो खजाना हे जो अनमोल हे।
गुरू वो समाधि हे जो चिरकाल
तक रहती हे।
गुरू वो प्रसाद हे जिसके भाग्य मे हो उसे कभी कुछ मांगने की
ज़रूरत नही पड़ती

RTE free student ke lie document

आर. टी. ई. के तहत आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
“दुर्बलवर्ग” के बालकों के प्रवेश हेतु आवश्यथक दस्तावेज:-
अभिभावक का बीपीएल कार्ड ।
अभिभावक का निवास सम्बन्धी प्रमाण पत्र ।
बालक का आयु सम्बन्धी दस्ता्वेज/शपथ पत्र ।
“असुविधाग्रस्त समूह” के बालकों के प्रवेश हेतु आवश्यक दस्तावेज:-
बालक/अभिभावक का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र ।
अथवा
बालक/अभिभावक का अनुसूचित जन जाति प्रमाण पत्र ।
अथवा
अनाथ आश्रम द्वारा बालक के अनाथ होने की घोषणा ।
अथवा
युद्ध विधवा के सम्बन्ध में जारी प्रमाण पत्र ।
अथवा
एचआईवी/केंसर से प्रभावित होने की रजिस्टर्ड डाइग्नोस्टिक केन्द्र की रिपोर्ट
अथवा
नि:शक्तकजन बालकों के लिए सक्षम स्तर से जारी प्रमाण पत्र ।
बालक/अभिभावक का निवास सम्बन्धी प्रमाण पत्र ।
बालक का आयु सम्बान्धी दस्ताीवेज/शपथ पत्र ।

%d bloggers like this: